सुंदर (विशेषण)
जिसकी शक्ल-सूरत अच्छी हो।
धनुष (संज्ञा)
बाँस या लोहे आदि की छड़ को कुछ झुकाकर उसके दोनों सिरों के बीच डोरी बाँधकर बनाया हुआ अस्त्र, जिससे तीर चलाते हैं।
बुर (संज्ञा)
स्त्री की जनन इंद्रिय।
राक्षस (संज्ञा)
धर्म-ग्रंथों में मान्य वे दुष्ट आत्माएँ जो धर्म विरोधी कार्य करती हैं तथा देवताओं, ऋषियों आदि की शत्रु हैं।
भविष्य (संज्ञा)
आने वाला काल या समय।
कामधेनु (संज्ञा)
पुराणानुसार एक गाय जो सब इच्छाओं को पूरा करती है।
ईंधन (संज्ञा)
वे पदार्थ जिनके जलने से ऊर्जा प्राप्त होती है।
पेला-पेली (संज्ञा)
भीड़-भाड़ के कारण या और किसी कारण से एक दूसरे को धक्का देने या ठेलने की क्रिया।
सेंधमार (संज्ञा)
सेंध लगाकर चोरी करने वाला।
संग मरमर (संज्ञा)
एक प्रकार का बहुत चमकीला, बढ़िया, सफ़ेद पत्थर।